समान नागरिक संहिता पर धामी सरकार की पहल

देहरादून। ऐसा माना जाता है कि देवभूमि उत्तराखण्ड पूरी दुनिया को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ज्ञान का वितरण करता है और सदियों से माँ गंगा की तरह देवभूमि देश-दुनिया को तप, त्याग और सेवा का ज्ञान देता रहा है। ऐसे में सबसे युवा मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी की सरकार देश को पहली बार यूसीसी (यूनिफार्म सिविल कोड) समान नागरिक संहिता देने की तैयारी कर रहे हैं। आज देश में यह मांग बहुत जोर-शोर से उठ रही है कि एक देश और एक कानून होना चाहिए। तभी हम एक देश के रूप में समान विकास कर सकेंगे। पूरे देश में यह चर्चा है और जबसे मोदी सरकार केन्द्र में आई है तब से यह मांग और जोर पकड़ने लगी है। यह अलग बात है कि मोदी भाजपा और संघ को इसमें अपना दूरगामी फायदा होता दिख रहा है। राजनीतिक रूप से भाजपा इसे हिन्दू समर्थन और मुसलमानों के विरोध में प्रचारित करके वोटों की राजनीति कर सकती है, ऐसी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। संविधान निर्माण के समय में भी इस विषय पर गम्भीर चर्चा हुई, बहसें हुईं और संविधान निर्माताओं ने इसे भविष्य के हिन्दुस्तानियों के लिए यह कहकर छोड़ दिया कि धीरे-धीरे जैसे-जैसे भारत में लोकतंत्र मजबूत होगा, वैसे-वैसे देश में समान नागरिक संहिता लागू हो जायेगी। लेकिन समय के साथ लांकतंत्र मजबूत तो अवश्य हुआ परन्तु सामाजिक विद्वेष इतना बड़ा हो गया कि अब कोई भी देश हित की बात भी किसी न किसी समाज के विरुद्व लगने लगती है, या प्रचारित कर दी जाती है। समान नागरिक संहिता की बात करते ही मुसलमानों को लगता है कि उनके शरीयत के कानूनों का क्या होगा, शादी-ब्याह जैसे व्यक्तिगत मामले भी हिन्दुओं जैसे ही हो जायेंगे। यह एक बड़ी उहापोह रही है कानून बनाने वालों और कानून लागू करवाने वालों के लिए। लेकिन अब जबकि देश में तथाकथित राष्ट्रवादी सरकार है तो देश के शुभचिंतक अपनी भावनाएं व्यक्त करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। उत्तराखण्ड की धामी सरकार ने जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली एक कमेटी बनाई थी और इस हाई पावर कमेटी ने प्रदेशभर में लोगों से बात करके इसका एक ब्लू पिंरट तैयार किया है। मुख्यमंत्री धामी ने आउटलुक से कहा कि जल्द ही इसे विधानसभा से पारित करके सूबे में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा हैं और वह बड़े फैसले लेने का साहस रखते हैं। यदि ऐसा हुआ तो उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन जायेगा, जहाँ समान नागरिक संहिता लागू होगी और पूरे देश को मार्गदर्शन भी मिलेगा।धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता का कैसा मसौदा बनाया है इसके बारे में संक्षेप से जान लेते हैं। इस कमेटी को राज्य और देश से करीब 2.31 लाख सुझाव मिले थे। कमेटी ने इनमें से कुछ सुझावों पर अपनी अंतिम मुहर लगाई है। इन सुक्षावों में मुख्यरूप से पालीगैमी या बहुविवाह पर रोक लगाने की बात की गई है। लड़कियों की शादी की आयु बढ़ाई जाएगी ताकि वे विवाह से पहले ग्रेजुएट हो सकें। बिना शादी साथ रहने का घोषणपत्र देना जरूरी होगा। बिना शादी साथ रहने वाले लोगों को पुलिस के पास रजिस्टर करना होगा, जिसमें माँ बाप को भी अवगत कराया जाएगा। उत्तराधिकार में लड़कियों को लड़कों के बराबर का हिस्सा मिलेगा।सभी के लिए एडाप्शन का विकल्प प्रभावी होगा। मुस्लिम महिलाओं को भी गोद लेने का अधिकार मिलेगा। गोद लेने की प्रक्रिया आसान की जाएगी। हलाला और इद्दत पर रोक होगी। शादी का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।पति-पत्नी दोनों को तलाक के समान आधार उपलब्ध होंगे। तलाक का जो ग्राउंड पति के लिए लागू होगा, वही पत्नी के लिए भी लागू होगा। नौकरीशुदा बेटे की मौत पर पत्नी को मिलने वाले मुआवजे में वृद्ध माता-पिता के भरण पोषण की भी जिम्मेदारी होगी। अगर पत्नी पुनर्विवाह करती है तो पति की मौत पर मिलने वाले कंपेंशेसन में माता पिता का भी हिस्सा होगा। अगर पत्नी की मौत हो जाती है और उसके माता पिता का कोई सहारा न हो, तो उनके भरण पोषण की जिम्मेदारी पति की होगी। बच्चे के अनाथ होने की सूरत में गार्जियनशिप की प्रक्रिया को आसान किया जाएगा।पति-पत्नी के झगड़े की सूरत में बच्चों की कस्टडी उनके ग्रैंड पैरेंट्स को दी जा सकती है। जनसंख्या नियंत्रण की भी बात इसमें की गई हैं। बहुविवाह पूर्ण तरीक़े से बैन होगा और कोई भी केवल एक शादी कर सकेगा। हलाला बैन होगा (तलाक़ लेने के बाद अगर फिर से शौहर के साथ रहना चाहते तो दूसरे मर्द से शादी करनी होगी)। हर शादी का गाँव में ही रजिस्ट्रेशन होगा बिना रजिस्टर की शादी अमान्य होगी। तलाक़ होने के बाद बच्चे को दादा दादी या नाना नानी को दिया जाएगा।यह मसौदे की मुख्य-मुख्य बातें हैं इसकी बारीकियों में नहीं जायेंगे, लेकिन इससे भविष्य के समाज की रूपरेखा स्पष्ट दिखाई देने लगती है। अगर इसे लागू करने में धामी सरकार सफल हो जाती है तो देश के लिए यह रोल माॅडल बन जायेगा और धामी जी हीरो वाली इमेज पा जायेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *