मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी

देहरादून।त्रिवेंद्र सरकार, हरकी पैड़ी पर गंगा की अविरल धारा को स्कैप चैनल घोषित करने के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के फैसले को निरस्त करने जा रही है। ऐसा करके सरकार न केवल गंगा सभा, अखाड़ों और तीर्थ पुरोहितों की मांग पूरा करेगी बल्कि हरीश रावत को सियासी जवाब देने की तैयारी भी कर चुकी है।अब इसका औपचारिक आदेश होना बाकी है। बुधवार को सरकारी सूत्रों ने इसकी पुष्टि की। दूसरी तरफ, गंगा को स्कैप चैनल घोषित करने के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के माफी मांगने को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने प्रायश्चित करार दिया। सीएम ने कहा कि मां गंगा उन्हें माफ करें।बुधवार को सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कई मुद्दों पर राय जाहिर की। साथ ही मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व को लेकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने हर राज्यवासी से एक-एक पौधा रोपने की अपील भी की। हर की पैड़ी को गंगा शब्द वापस मिल सकता है। सरकार विवाद समाप्त करने के लिए एनजीटी के आदेश और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन साधने का प्रयास करेगी।आवास विभाग इस पर काम कर रहा है, फाइल संस्तुति के लिए उच्च स्तर पर भेजी गई है। सूत्रों के अनुसार, नई अधिसूचना में हर की पैड़ी के लिए स्कैप चैनल शब्द हटाते हुए, गंगा शब्द जोड़ा जा सकता है।हालांकि गंगा शब्द जोड़ने से एनजीटी द्वारा 2016 में दिए आदेश प्रभावी हो सकते हैं। इससे क्षेत्र को गंगा की सहायक धारा, उप धारा जैसा संबोधन दिया जा सकता है हालांकि विधिवत अधिसूचना महाकुंभ से ठीक पहले ही होने के आसार हैं।शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कांग्रेस को स्कैप चैनल के साथ ही कई अन्य गलतियों के लिए भी माफी मांगनी चाहिए। जहां तक हमारा सवाल है, हम गंगा की आस्था को मानने वाले लोग हैं, इसलिए इस समस्या का जल्द सर्वमान्य हल निकाला जाएगा।

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