यूपी चुनाव: गठबंधन के बावजूद अपने इस गढ़ में क्या कांग्रेस उतारेगी सपा के खिलाफ उम्मीदवार?

लखनऊ। यूपी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के आधिकारिक ऐलान के बाद भी सीट बंटवारे में दोनों दल फिर आमने-सामने आते दिख रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की ओर से कहा गया है कि वो अमेठी और रायबरेली जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ये बयान कांग्रेस की ओर से उस वक्त आया है जब समाजवादी पार्टी ने इन जिलों में गठबंधन के तहत 10 में से 5 सीट पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।

सपा ने उतारे हैं पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार

अमेठी से कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने बताया कि हमने इन इलाकों में पिछले पांच साल के दौरान काफी काम किया है। हमें उम्मीद है कि इस बार हमें यहां फायदा मिलेगा। खास तौर से 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस इलाके में काफी मेहनत की है। ऐसे में अचानक पार्टी कार्यकर्ता सपा के लिए अपनी सीट छोड़ने के लिए तैयार नहीं होंगे। इस बार हमें विश्वास है कि समय हमारे लिए बहुत अच्छा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि हम सभी 10 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। दीपक सिंह को गांधी परिवार का करीबी माना जाता है।

सूत्र बता रहे हैं कि कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन के बाद पांच सीटों पर सपा के उम्मीदवारों का ऐलान करना अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पसंद नहीं आया। उन्होंने इसकी जानकारी प्रियंका गांधी को दे दी है, जो अमेठी-रायबरेली में उम्मीदवारों को उतारने की प्रक्रिया में शामिल हैं। अमेठी में कांग्रेस के प्रवक्ता अनिल सिंह की मानें तो कार्यकर्ताओं की भावनाएं यहां पंजे के निशान के साथ जुड़ी हुई हैं। हमने ये पार्टी आलाकमान को भी बताया और कार्यकर्ताओं को बोल दिया हम यहां और रायबरेली में सारी सीटों पर लड़ेंगे।

कांग्रेस पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता के मुताबिक कार्यकर्ताओं को लगता है कि अगर समाजवादी पार्टी के लिए कांग्रेस पार्टी सीटें छोड़ती है तो इस इलाके में 2019 के लोकसभा चुनाव में वापसी करने में समस्या आएगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के मुताबिक हाल में हमने जब सपा से चर्चा की तो उसमें हमने उन्हें अमेठी में 3 सीटें देने के लिए मना लिया, लेकिन उन्होंने पांच सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। इतना ही नहीं सपा उम्मीदवारों का नाम वापस लेने को भी तैयार नहीं है। हम इस इलाके में तीन सीट पर समझौता कर सकते हैं अगर सुलह नहीं हुई तो हम 10 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। यानी सीधा मतलब होगा कि कांग्रेस उम्मीदवार और सपा उम्मीदवार आमने-सामने होंगे।

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Source: hindi.oneindia.com

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