नैनीताल हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी- कोरोना जांच में कमी जनता के साथ धोखा

नैनीताल । उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार पर तल्ख टिप्पणी की है. एक मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने कहा कि कोविड-19 परीक्षणों की लगातार घटती संख्या से पता चलता है कि राज्य सरकार खुद के साथ जनता को भी धोखा दे रही है. बता दें कि उत्तराखंड में कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज मिले हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से कोरोना टेस्ट की संख्या में लगातार कमी देखी गई है. इसको लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार पर तल्ख टिप्पणी की है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन 25 मई तक बढ़ा दिया गया है. कोरोना कर्फ्यू से लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने थोड़ी छूट और देने का फैसला किया है. नए आदेश में सरकार ने कहा है कि शुक्रवार को अब राशन की दुकान, जनरल स्टोर और किराने की दुकान सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुली रह सकती हैं. मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है।शुक्रवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत नीत सरकार ने कोरोना कर्फ्यू से जुड़े अपने पुराने फैसले में संशोधन किया है. आपको बता दें कि सरकार के पुराने फैसले के मुताबिक राज्य में शुक्रवार को सुबह 7 से 10 बजे तक राशन की दुकान, जनरल स्टोर, किराने की दुकानों को खोलने की छूट मिली हुई थी. लेकिन अब इस छूट में थोड़ा इजाफा करते हुए इसे शुक्रवार के दिन दोपहर 12 बजे तक खोलने की इजाजत दी गई है. मुख्य सचिव ओमप्रकाश की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि अब शुक्रवार को दुकानें सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक खोले जा सकते हैं. मुख्य सचिव ओमप्रकाश की तरफ से जारी किए गए आदेश में साफ कहा गया है कि शुक्रवार के दिन अब राशन की दुकानों सहित किराने की दुकान और जनरल स्टोर्स भी सुबह 7 से दोपहर 12ः00 बजे तक खुल सकेंगे।

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