पीएमओ के आदेश के बाद गैंगरेप मामले की दोबारा जांच शुरू

हरिद्वार : पथरी थानाक्षेत्र के एक गांव की दलित किशोरी से गैंगरेप के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश के बाद दोबारा जांच शुरू की है। अब लक्सर से पुलिस क्षेत्राधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया है।

पथरी थानाक्षेत्र के एक गांव की दलित किशोरी को चार महीने पहले पड़ोस के कुछ युवक बहला फुसलाकर रिश्तेदारी में रुड़की ले गए थे। किशोरी की मां का आरोप है कि उसकी बेटी के साथ युवकों ने दुष्कर्म किया। पथरी थाने में मामले की शिकायत की गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किशोरी का मेडिकल कराया। परिजनों के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और फाइनल रिपोर्ट लगाकर मामला बंद कर दिया।

सामाजिक संगठन जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष गुलशन खत्री ने इस बावत प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा था। पत्र में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पीडि़त परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की गई थी। पीएमओ ने इस पत्र का संज्ञान लिया और प्रधानमंत्री कार्यालय के सेक्शन ऑफिसर राजीव रंजन कुशवाहा की ओर से एक पत्र उत्तराखंड के मुख्य सचिव को भेजा गया।

जिसमें मामले को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव के आदेश पर अब मामले की जांच लक्सर के पुलिस क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है। रविवार को पुलिस ने गांव पहुंचकर पीडि़त परिवार से घटना की पूरी जानकारी जुटाई। परिवार का आरोप है कि आरोपियों पर राजनीतिक सरंक्षण के चलते पुलिस कार्रवाई से बच रही है।

जिले की सुरक्षा व्यवस्था चरमराने की दी जानकारी

जनसंघर्ष मोर्चा की ओर से पीएमओ को भेज पत्र में दलित किशोरी से गैंगरेप के साथ ही जनपद में कानून-व्यवस्था की जानकारी भी दी गई। पत्र में बताया गया कि लगातार आपराधिक घटनाओं से जनपद में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। कहीं देह व्यापार चल रहा है तो कहीं दुराचार जैसी घटनाएं हो रही हैं। इतना ही नहीं पुलिस भी अपराधियों को संरक्षण दे रही है।

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