राज्यपाल तक पहुंचा बार काउंसिल में भ्रष्घ्टाचार का मामला

नैनीताल । उत्तराखंड बार काउंसिल में वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार व नियम विरुद्ध तरीके से कर्मचारियों को नियमित करने का मामला राज्यपाल तक पहुंच गया है। बार काउंसिल के वरिष्ठ सदस्य चंद्रशेखर तिवारी ने बाकायदा शिकायती पत्र भेजकर वित्तीय मामलों का ऑडिट कराने व घपले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। अधिवक्ता तिवारी का कहना है कि बार काउंसिल बार ऑफ उत्तराखंड अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा-5 के अन्तर्गत सरकार का एक ष्निगमित निकायष् है। जिसमें महाअधिवक्ता पदेनसदस्य के रूप में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करते है। राज्य सरकार राज्य के राजकोष से अधिवक्ताओं के वैलफेय हेतु वित्तीय सहायता व धन निर्गत करती है। बार काउंसिल स्वयं भी राज्य के विधि के छात्रों से पंजीकरण कराने हेतु व अन्य मदो पर शुल्क के रूप में धन एकत्रित करती है। पंजीकृत अधिवक्ताओं के लिये वैलफेयर स्कीम व अन्य सहायताओं का प्रवधान करती हैं। 2018 में बार काउंसिल उत्तराखण्ड का चुनाव सम्पन्न हुआ 20 सदस्यों को मिलाकर पदेनसदस्य के रूप में महा अधिवक्ता को अधिवक्ताओं तथा राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने हेतु परिषद का गठन हुआ। इसके बाद बार काउंसिल के परिसर में कई निर्माण कार्य किये गये।

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