दून में ब्लू व्हेल की दस्तक, छात्र ने की खुदकुशी की कोशिश

देहरादून : आत्महत्या को उकसाने के लिए दुनियाभर में मशहूर हुए ब्लू व्हेल गेम ने दून में भी दस्तक दे दी है। चर्चा है कि यहां के भी एक छात्र ने इस खतरनाक गेम के चक्कर में खुदकुशी करने की कोशिश की है। हालांकि, एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने इस तरह के किसी मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।

अजीबोगरीब किस्म का ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल बच्चों में बेहद लोकप्रिय हो रहा है और उन्हें अपनी पेचीदगी में फंसाकर आत्महत्या के लिए प्रेरित कर रहा है। दुनियाभर में कई मामले सामने आने के बाद भारत में भी कई लोगों के इसकी चपेट में आने की चर्चाएं सामने आईं।

हालांकि, केंद्र सरकार ने इस गेम पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस गेम से प्रभावित नौनिहालों की मानसिकता में बदलाव की चर्चाएं थम नहीं रही हैं। बीते दिनों मुंबई में इस तरह का मामला सामने आने के बाद दून पुलिस ने भी ट्विटर व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये लोगों को सजग करने का अभियान भी चलाया था, लेकिन बुधवार को ऐसा मामला सुनते ही पुलिस के कान खड़े हो गए हैं।

बता दें कि दून के एक स्कूल में छात्र के ख़ुदकुशी करने की कोशिश की बात सामने आई। चर्चा है कि देहरादून के एक स्कूल में प्रिंसिपल द्वारा कक्षा पांच के बच्चे को आत्महत्या करने से बचाया गया। ये बच्चा दूसरे बच्चों से अलग रहने लगा था और किसी से ज्यादा बात भी नहीं कर रहा था।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्चे ने किस तरह जान देने की कोशिश की और उसे कैसे बचाया गया। मगर चर्चा रही कि बच्चा ब्लू व्हेल गेम के कारण दोस्तों से अलग रहने लगा था और पूरी तरह गेम के चैलेंज में उलझा हुआ था।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि दो-तीन दिन पहले भी इस तरह की चर्चा सुनने में आई थी, लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हो पाई। इस मामले की भी उन्हें कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है।

क्या है ब्लू व्हेल गेम

इसमें बच्चों को 50 चैलेंज दिए जाते हैं, जिनमें खुद को नुकसान पहुंचाना, डरावनी फिल्में देखना समेत कई टास्क दिए जाते हैं। इन टास्क को करते समय उनसे फोटो भी मांगी जाती है। यही नहीं बल्कि इस गेम का आखिरी टास्क सुसाइड होता है।

इस गेम के 50 टास्क में बच्चों के दिमाग से खेला जाता है और उनका ब्रेन-वाश कर दिया जाता है। इस गेम के कारण बच्चे एक तरह के डिप्रेशन में चले जाते हैं या फिर टास्क की चुनाती को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाते हैं। आखिरी टास्क तक उनमें सही-गलत में फर्क करने की क्षमता नहीं रहती और सुसाइड करने को उतारू होते हैं।

सरकार ने लगाया प्रतिबंध

भारत में इस गेम के कारण आत्महत्या के प्रयासों की खबर आते ही केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक बैठक कर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को तत्काल इस पर कदम उठाने को कहा। विभाग ने 11 अगस्त को सभी प्रमुख वेबसाइटों को पत्र लिखकर इस खेल के लिंक हटाने का निर्देश दिया।

मंत्रालय ने गूगल, फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम, माइक्रोसॉफ्ट और याहू को लिखे इस पत्र में कहा कि ब्लू व्हेल या इससे मिलते जुलते गेम्स को हटा लिया जाए।

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