राज्यपाल बोले देश के पूर्व सैनिक ‘राष्ट्रीय संपत्ति’

देहरादून, । मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया के तत्वावधान में, जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट में ‘देवभूमि मेगा पूर्व सैनिक रैली’ का भव्य आयोजन गरिमामय एवं प्रेरणादायक माहौल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम सहित कई गणमान्य व्यक्ति और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों को ‘राष्ट्रीय संपत्ति’ बताते हुए उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने हाल ही में धराली में आई भीषण आपदा पर दुख व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने धराली आपदा के समय 14 राजपुताना राइफल्स के शहीद जवानों को याद किया तथा  श्रद्धांजलि अर्पित की । उन्होंने भारतीय सेना के जवानों के अदम्य साहस को सराहा और कहा कि हमारे वीर जवानों ने कष्टों के बावजूद उच्च मनोबल दृढ़संकल्प का परिचय दिया। साथ ही, उन्होंने भारतीय सेना और राज्य प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की भी सराहना की, जिनकी बदौलत प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्रता से सामान्य स्थिति बहाल हो सकी।
राज्यपाल ने केंद्र सरकार और उसकी नेतृत्व क्षमता की सराहना की और विश्वास जताया कि उत्तराखंड आने वाले समय में और अधिक सशक्त व आपदा-प्रबंधन में सक्षम राज्य बनकर उभरेगा। उन्होंने उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों, सैनिकों, नौसैनिकों व वायुसैनिकों के अद्वितीय साहस, देशभक्ति और समर्पण को सलाम किया। उन्होंने शहीदों को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ‘वॉर वूंडेड फाउंडेशन’ के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री (सेवानिवृत्त) व ब्रिगेडियर हरचरण सिंह (सेवानिवृत्त) और उनकी टीम जो रैली में मौजूद थे को धन्यवाद देते हुए, चौदह विकलांग पूर्व सैनिकों को मोटराइज्ड स्कूटर प्रदान करने के इस नेक कार्य की भी सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल ने 20 वीर नारियों को भी सम्मानित किया और उनकी देश सेवा और उनके बलिदानों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही, ‘वेटरन्स अचीवर्स अवार्ड’ पाने वाले विजेताओं को बधाई देते हुए, उनसे भविष्य में भी समाज व पूर्व सैनिक के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करते रहने की अपेक्षा जताई। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए पूर्व सैनिकों से सतत योगदान का आह्वान करते हुए कहा कि वे देश निर्माण के प्रति अपने समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

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