पूर्णानंद घाट पर महिलाओं ने भारत माता के जयघोष के साथ ली हिमालय बचाओ की शपथ

ऋषिकेश,। गंगा आरती ट्रस्ट, पूर्णानंद घाट में विश्व प्रसिद्ध प्रथम महिला गंगा आरती में देवभूमि मां गंगे स्वयंसेवी चैरिटेबल ट्रस्ट की महिलाओं द्वारा गोबर द्वारा निर्मित गणेश भगवान की मूर्ति को स्थापित कर व 51 फलदार पौधे ढाल वाला में लगाकर गणेश उत्सव मनाया।
गोबर द्वारा निर्मित गणेश भगवान की मूर्ति को गंगा में विसर्जन ना कर गंगा आरती स्थल पर स्थापित किया गया व 51 फलदार पौधों को गंगा तट पर लगाया जाएगा जिससे कि गंगा के किनारे रहने वाले पशु पक्षी व इंसान इसका लाभ उठाएंगे। गणेश भगवान को साक्षी मानकर गंगा तट पर हिमालय बचाओ उदघोष के साथ समाजसेवी पंडित हरिओम शर्मा ज्ञानी जी के नेतृत्व में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शपथ ली। ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट और देवभूमि मां गंगे स्वयंसेवी चैरिटेबल ट्रस्ट ने मांग की गंगा में मूर्तियों के विसर्जन की अनुमति नहीं होनी चाहिए। समाजसेवी पंडित हरिओम शर्मा ज्ञानी जी कहा कि अगर कहीं पर इसका उल्लंघन होता है तो हम सब गंगा पहरी इसका विरोध करेगें और इसके खिलाफ पुलिस में तहरीर देगें की उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा वे दण्ड के भागीदार होंगे।
समाजसेवी पंडित हरिओम शर्मा ज्ञानी ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के अध्यक्ष ने ‘हिमालय बचाओ अभियान से जुड़कर हिमालय की सुरक्षा और इसके संरक्षण को लेकर, सबको हिमालय को बचाने और पॉलीथिन का प्रयोग ना ही खुद और दूसरों को भी नहीं करने देने की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद मौजूद सभी लोगों ने भारतमाता का जयघोष किया। पंडित हरिओम शर्मा ज्ञानी ने कहा ने कहा कि पर्यावरण को बचाने की जिम्मेदारी सामूहिक है और कहा की हिमालय है तो गंगा है हिमालय हमारे देश के प्रहरी हैं जो किसी सैनिकों से कम नहीं है। गंगा किनारे महिलाओं को गंगा प्रहरी बनाकर गंगा में गंदगी करने वाले पॉलिथीन डालने वाले पर अंकुश लगाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। देवभूमि मां गंगे स्वयंसेवी चैरिटेबल ट्रस्ट संस्थापक अध्यक्ष रीना उनियाल ने बताया कि पर्यावरण बिगड़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह पॉलीथिन है और कहा कि सभी पॉलीथिन का बहिष्कार करेंगे और जागरूकता रैली निकालेगें। अमिता उनियाल ने कहा कि विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी है। विकास की योजनाएं बनाते हुए हमें यह तय करना होगा कि हिमालय को कोई नुकसान न पहुंचे। हिमालय की महत्ता सिर्फ पर्यावरण से जुड़ी नहीं है बल्कि यह जीवन यापन का भी बड़ा स्रोत है। डॉक्टर ज्योति शर्मा ने कहा हर व्यक्ति छोटी-छोटी कोशिशों से हिमालय के पर्यावरण और संरक्षण में योगदान दे तो यह बड़ा अभियान हो सकता है। इसके लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है बल्कि हम अपने जन्मदिन पर केक काटने के बजाय एक पौधा लगाएं और उसके पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करें। इसके अलावा शादी, गृह प्रवेश जैसे हर शुभ कार्य में यदि हम पौधे लगाएं तो ये एक दिन बड़ा अभियान बन सकता है। ‘पेड़ लगाओ पुण्य कमाओ’, ‘पेड़ लगाओ हिमालय बचाओ‘पेड़ लगाओ धरती बचाओ’ जैसे भी नारे भी कार्यक्रम में लगवाए गए। मुख्य रूप से गंगा आरती में ट्रस्ट की सदस्य सुशीला सेमवाल, डॉक्टर ज्योति शर्मा, मां सुरकंडा देवी के उपासक अजय बिजलवान, सुषमा बहुगुणा, देवभूमि मां गंगे स्वयंसेवी चैरिटेबल ट्रस्ट संस्थापक अध्यक्ष- रीना उनियाल और संस्थापक सचिव- अमिता उनियाल, कोषाध्यक्ष-योगेश उनियाल, उपाध्यक्ष ज्योति उनियाल, सहसचिव बबीता सकलानी एवं सैला खंडूरी, मां सुरकंडा देवी के पुजारी सचिन  डबराल, सुमन मधुर रतूड़ी ममता नेगी, संगीता, अजय, अनूप, मनीष, सुनीता बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

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