जिलाधिकारी ने उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश, बायर-सेलर मीट और मार्केटिंग सेल बनाने की पहल
जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक में औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन और आधारभूत सुविधाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
हर्बल एवं काष्ठ आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें औद्योगिक आस्थानों की समस्याओं, उद्यमियों की आवश्यकताओं तथा औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पिछली बैठक की अनुपालन आख्या की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक आस्थानों में बाहरी वाहनों के अनियंत्रित पार्किंग पर चालान एवं नियमित गश्त की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजकीय औद्योगिक आस्थान सिताबपुर में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पुरानी देयताओं के निस्तारण एवं नियमानुसार यूजर चार्ज वसूली के लिए पत्राचार किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने उद्योग विभाग, नगर निगम और उद्यमियों को 15 दिनों के भीतर मामले का समाधान करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि लंबित यूजर चार्ज का भुगतान न होने पर नियमानुसार आरसी जारी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, विशेषकर हर्बल एवं काष्ठ आधारित उद्योगों को बाजार से जोड़कर स्वरोजगार और निर्यात की नई संभावनाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि औद्योगिक विकास को गति मिल सके।

बैठक में औद्योगिक आस्थान सिताबपुर में नालों के बंद होने से उत्पन्न जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी तथा नगर आयुक्त कोटद्वार को मौके पर निरीक्षण कर समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नगर निगम को औद्योगिक आस्थान क्षेत्र में श्रमिकों, उद्यमियों एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक शौचालय निर्माण हेतु शीघ्र आगणन तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में रिक्त एवं बंद पड़े प्रोजेक्ट परिवर्तन के मामलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि डिफॉल्टर इकाइयों के प्रोजेक्ट परिवर्तन संबंधी मामलों पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही सिगड्डी औद्योगिक आस्थान से संबंधित समस्याओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने सड़कों की मरम्मत के लिए सिडकुल तथा नदी चैनलाइजेशन के लिए संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्रोथ सेंटर सिडकुल के मुख्य द्वार के रखरखाव एवं मानपुर मार्ग पर सड़क किनारे नाले के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग तथा नगर निगम को संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।
बैठक में सुझाव दिया गया कि जनपद में तैयार हो रहे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए एक प्रभावी मार्केटिंग सेल की स्थापना की जानी आवश्यक है। इस पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों तथा उद्योग इकाइयों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से नियमित रूप से बायर-सेलर मीट आयोजित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से हर्बल एवं काष्ठ आधारित उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर जोर देते हुए कहा कि जनपद के उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हर्बल उत्पादों को बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक रूप से स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ाव तथा प्रचार-प्रसार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर स्थानीय उद्योगों को आत्मनिर्भरता और निर्यात की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। साथ ही इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उत्तराखंड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम-2012 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अंतर्गत प्राप्त दावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
जिला स्तरीय निर्यात समिति की बैठक में निर्यात कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक उद्योग ने बताया कि जनपद में निर्यात प्रोत्साहन डेस्क स्थापित की जाएगी, जिसके माध्यम से उद्यमियों को निर्यात संबंधी जानकारी, प्रशिक्षण, कार्यशाला एवं सर्वे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेष रूप से हर्बल एवं काष्ठ आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, डीटीडीओ खुशाल सिंह नेगी, प्रभंधक आर.पी. आर्य, उपासना सिंह, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र सिंह खाती, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

