चेपॉक की वो रात जब सब थम गया
एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) की भीषण गर्मी और उमस के बीच, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जो मैदान पर मौजूद सितारों से ज्यादा उन दिग्गजों के लिए चर्चा में रहा जो आज टीम में नहीं थे। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के सामने 204 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। इस पारी की जान रहे ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर-बल्लेबाज जोश इंग्लिस, जिन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैदान के चारों ओर चौके-छक्कों की बारिश कर दी। हालांकि, मैच की सबसे बड़ी खबर रही एमएस धोनी की अनुपस्थिति। बछड़े की चोट (calf injury) के कारण धोनी मैदान से बाहर रहे, जिसके चलते संजू सैमसन को विकेटकीपिंग और रणनीतिक कमान संभालनी पड़ी।
इंग्लिस का आतिशबाज अवतार: 33 गेंदों पर 85 रनों का तांडव
टॉस जीतकर चेन्नई के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, यह उम्मीद करते हुए कि ओस (dew) दूसरी पारी में उनके बल्लेबाजों की मदद करेगी। लेकिन जोश इंग्लिस के इरादे कुछ और ही थे। उन्होंने लखनऊ की पारी की शुरुआत इतनी आक्रामक की कि चेपॉक की स्पिन-फ्रेंडली पिच किसी हाईवे की तरह दिखने लगी।
मात्र 8 ओवरों में लखनऊ का स्कोर 101/2 पहुंच गया था, जो आईपीएल इतिहास में लखनऊ का पावरप्ले में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर (91/1) भी था। इंग्लिस ने महज 33 गेंदों पर 85 रन ठोक दिए, जिसमें 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 257.58 रहा, जिसने अकील होसेन और मुकेश चौधरी जैसे गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी।
“हमें पता था कि खेल आगे बढ़ने के साथ पिच धीमी होती जाएगी, इसलिए रणनीति पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने की थी। चेपॉक में अक्सर ऐसी शुरुआत नहीं मिलती, लेकिन आज जोश [इंग्लिस] ने अपने जीवन की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक खेली,” लखनऊ के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने मैच के बीच में कहा।
जेमी ओवरटन का पलटवार: मध्यक्रम को किया ध्वस्त
जब ऐसा लग रहा था कि लखनऊ 220 से अधिक का स्कोर बना लेगी, तब चेन्नई के नए सनसनीखेज गेंदबाज जेमी ओवरटन ने मोर्चा संभाला। ओवरटन, जो अपनी सटीक गेंदबाजी के लिए चेन्नई के फैंस के पसंदीदा बन गए हैं, ने लखनऊ के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। अपने 4 ओवर के स्पेल में ओवरटन ने 36 रन देकर 3 विकेट चटकाए। उन्होंने न केवल खतरनाक दिख रहे इंग्लिस को आउट किया, बल्कि ऋषभ पंत (15) और युवा अक्षत रघुवंशी (18) को भी चलता किया। उनकी इस गेंदबाजी ने मैच का रुख मोड़ दिया और लखनऊ की बढ़ती रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। स्पिनर नूर अहमद (1/24) और अंशुल कंबोज (2 विकेट) ने भी उनका बखूबी साथ दिया।
शाहबाज़ अहमद का संघर्ष
मध्यक्रम के ढहने के बाद, शाहबाज़ अहमद ने मोर्चा संभाला और लखनऊ को 200 के पार पहुँचाया। शाहबाज़ ने दबाव की स्थिति में धैर्य दिखाते हुए 25 गेंदों पर नाबाद 43 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 3 छक्के शामिल थे। हिम्मत सिंह (17) के साथ उनकी साझेदारी की बदौलत लखनऊ 203/8 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचने में सफल रही।
धोनी की कमी और संजू सैमसन की चुनौती
जैसे ही टीम लिस्ट की घोषणा हुई, चेपॉक के दर्शकों में थोड़ी खामोशी छा गई। चेन्नई की धड़कन माने जाने वाले एमएस धोनी ‘काफ स्ट्रेन’ के कारण इस मैच से बाहर हो गए। इस सीजन में धोनी की फिटनेस लगातार चर्चा का विषय रही है। उनकी जगह संजू सैमसन ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। सैमसन को इस साल एक बड़े ट्रेड सौदे के तहत चेन्नई में शामिल किया गया था, जिसमें रवींद्र जडेजा और सैम करन जैसे खिलाड़ी चेन्नई से बाहर गए थे। सैमसन के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती दुनिया के सबसे सफल कप्तान की जगह खुद को साबित करने की थी।
लक्ष्य का पीछा: सैमसन की चमक और गायकवाड़ की उम्मीदें
204 रनों के भारी-भरकम लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई के लिए संजू सैमसन ने विस्फोटक शुरुआत दी। उन्होंने मात्र 14 गेंदों पर 28 रन बनाए। हालांकि, जब ऐसा लग रहा था कि चेन्नई मैच पर पकड़ बना रही है, तभी लखनऊ के दिग्वेश सिंह राठी ने सैमसन को बोल्ड कर दिया। मैच के अंतिम चरण में, पूरी दुनिया की नजरें रुतुराज गायकवाड़ (17)* पर टिकी थीं, जो क्रीज पर मौजूद थे। पाँच बार की चैंपियन चेन्नई के लिए यह मैच जीतना प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अनिवार्य है।
बदलाव के दौर से गुजरती चेन्नई
आईपीएल 2026 को चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ‘बदलाव के साल’ (Year of Transition) के रूप में देखा जा रहा है। जडेजा जैसे पुराने दिग्गजों की विदाई और धोनी की चोटों ने टीम को अपनी पहचान फिर से तलाशने पर मजबूर किया है। जेमी ओवरटन और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों का आगमन टीम को युवा और अधिक आक्रामक बनाने की दिशा में एक कदम है। अंक तालिका में 6वें स्थान पर काबिज चेन्नई के लिए अब हर मैच नॉकआउट जैसा है। वहीं, तालिका में सबसे नीचे चल रही लखनऊ के लिए यह मुकाबला अपनी साख बचाने और दूसरी टीमों का खेल बिगाड़ने का मौका है।

