दिव्यांगजनों के लिए वरदान बना डीडीआरसी, सैकड़ों को मिला लाभ
सितंबर से अब तक 600 से अधिक यूडीआईडी कार्ड जारी, 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाएं अब धरातल पर असर दिखाने लगी हैं। कर्जन रोड स्थित गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) दिव्यांगजनों के लिए सहारा बनकर उभरा है। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक बुधवार को गांधी शताब्दी अस्पताल में दिव्यांग बोर्ड के माध्यम से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा डीडीआरसी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 8791009301 पर लाभार्थियों को घर बैठे आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी की पहल पर सितंबर 2025 में शुरू हुए इस केंद्र में अब तक 600 से अधिक दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 600 नए दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं और 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2009 से अब तक जनपद देहरादून में 30,739 दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 1,064 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया गया है।
दून निवासी दिव्यांग लाभार्थी मनोज बहुगुणा ने बताया कि लंबे समय से उन्हें यूडीआईडी कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही थी, लेकिन डीडीआरसी में आवेदन करने के बाद उनका कार्ड आसानी से बन गया। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार का आभार जताया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि पहली बार गांधी शताब्दी अस्पताल में डीडीआरसी संचालन के लिए चार कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एक वर्ष से कम समय में 600 नए प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनाए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि गांधी शताब्दी अस्पताल में प्रत्येक बुधवार और एसडीएच विकासनगर में प्रत्येक मंगलवार को दिव्यांग बोर्ड की सेवाएं दी जा रही हैं। यहां दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने के साथ लाभार्थियों को अन्य आवश्यक प्रमाणन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डीडीआरसी में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष निशुल्क सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। केंद्र में बच्चों को स्पीच थेरेपी, फिजियोथैरेपी और लर्निंग थेरेपी जैसी सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।

