राज्य भर में कुट्टू आटे पर निगरानी अभियान जारी, खुले में कुट्टू के आटे की ब्रिकी पर लगा अंकुश : डॉ आर राजेश कुमार

-जांच में कुट्टू के आटे के कई नमूने फेल, आयुक्त ने दिए मिलावटखोरों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश
-आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकताः डॉ आर राजेश कुमार

देहरादून, । नवरात्रि के अवसर पर उपवास रखने वाले श्रद्धालु कुट्टू के आटे का अधिक उपयोग करते हैं। इस दौरान दूषित और मिलावटी कुट्टू के आटे के सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में कुट्टू के आटे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी अभियान शुरू किया हुआ है। आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा रोज अभियान की समीक्षा की जाती है। अधिकारियों के फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाती है। उन्होंने कहा इस अभियान का उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित कुट्टू के आटे की बिक्री को रोकना और जनता को सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुशः 03 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्य के विभिन्न जनपदों में कुट्टू के आटे के 7 नमूने और पांच अन्य व्रत में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया, और जांच में 2 कुट्टू के आटे के नमूने असुरक्षित पाए गए। इसके बाद, खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को न्यायालय में वाद दायर करने के निर्देश दिए हैं और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, हम सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों का सेवन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। कुट्टू के आटे की जांच के परिणामों को गंभीरता से लिया गया है और असुरक्षित पाए गए नमूनों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जा रही है। काफी हद तक विभाग ने सभी जनपदों में अंकुश लगाने में कामयाबी हासिल की है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि दूषित और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को पूरी तरह रोका जा सके।

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