नेताओं का जनता से संवाद जरूरी!
संदीप शर्मा की कलम से ————–
किसी भी नेता के लिए संवाद बेहद जरूरी होता है चाहे वो कितना भी व्यस्थ क्यों ना हो संवाद प्रतिदिन हम अपने जीवन जीने में भी करते है और संवाद जब भी हम किसी से मिलते है तो भी संवाद ही करते है देश में इस समय राजनेताओं में संवाद की कमी देखी जा रही है देश का बड़ा प्रतिनिधित्व क्या कर रहा है क्यों कर रहा है और किसके लिए कर रहा है और जो विकास कार्य या देश में विकास योजनाए देश के लिए एवं देश की आम जनता के लिए चल रही है कितनी हितकारी होगी और लाभ क्या मिलेगा लेकिन कुछेक मीडिया संस्थानों तक ही यह जानकारी होती है कि सरकार के पास विकास का रोडमैप क्या है आम आदमी को सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही विकास योजनाएं राज्य सरकारें हो या केन्द्र सरकारे किस मनसा से लाभ दे रही है देश में इस समय मानसून चरम पर है थोड़ी सी बरसात ही गली मौहलों के विकास की पोल खोल रही है और राजनेता कहते है कि यहां 100 स्मार्ट सिटी देश को मिलेगी 11 बरस का लम्बे कार्यकाल में एक भी स्मार्ट सिटी देश को नसीब नही हुई है यह कहने में कोई गुरेज नही है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर बजट की बंदरबाट की गई है देश में इस समय इन्दौर साफ सफाई के मामले में 01 नम्बर पर है वह अपने पायदान पर खड़ा नजर आ रहा है आप नजरें दौड़ाकर देखिए कि शहर की हालात क्या हो रही है विकास मानसूनी सीजन के चलते पानी में गौते लगा रहा है हर एक शहर से कोई ना कोई घटना रोबरोज देखने और सुनने को मिलती है आम जनता सरकार चुनती है की आम आदमी की परेशानियां कम होगी लेकिन जब परेशानियां बढ़ जाए तब क्या। सही राजनेता हर एक वह बात जो देशहित में देश के लिए जरूरी है वह संवाद के जरियें आम जनता को बताता है और जता कर पीड़ा को कम करने की हर सम्भव कोशिश करता हों आजकल भारत में इस तरह के कुछेक नेताओं को छोड़ दे तों बाकी मैदान साफ ही साफ दिखाई देता है जनता परेशान है और नेता नेतागिरी करने में मशगूल है। ऐसी नेतागिरी किस काम की जिसमें जनता को ही दरकिनार कर दिया जाए।

