समग्र शिक्षा को केन्द्र से 883 करोड़ स्वीकृत, शिक्षा मंत्री ने जताया आभार
-307 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास तो 165 में बनेगी आईसीटी लैब
-244 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के प्रसार को भी मिला बजट
-शिक्षा मंत्री डा. रावत ने जताया केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का आभार
देहरादून, । केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये उत्तराखंड को समग्र शिक्षा, पीएम-श्री एवं उल्लास योजना के अंतर्गत 883 करोड़ के बजट की स्वीकृति दी है। बोर्ड द्वारा स्वीकृत धनराशि से प्रदेश के 307 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 165 विद्यालयों में आईसीटी लैब तथा 102 विद्यालयों में विभिन्न विषयों की प्रयोगशालाएं बनाई जायेगी। इसके अलावा 244 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का प्रसार किया जायेगा। केन्द्रीय प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड से बजट की स्वीकृति मिलने पर सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का आभार जताया।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, सुधारीकरण एवं कम्प्यूटरीकरण के दृष्टिगत भारत सरकार द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये समग्र शिक्षा परियोजना के तहत 883 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इसके साथ ही पीएमश्री योजना के तहत 100 करोड़ की धनराशि के अनुमोदन पर भी केन्द्र ने सहमति प्रदान की। डॉ. रावत ने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा झरना कमठान व उनकी टीम द्वारा राज्य में समग्र शिक्षा के तहत नवाचारी कार्यों का प्रस्ताव मजबूती से रखा, जिस पर बोर्ड ने सहमति देते हुये 883 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। उन्होंने बताया कि अप्रूवल बोर्ड द्वारा स्वीकृत धनराशि से राज्य में डिजिटल व व्यावसायिक शिक्षा पर फोकस किया जायेगा। इसके तहत प्रदेश के 307 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 165 विद्यालयों में आईसीटी लैब तथा 102 विद्यालयों में विभिन्न विषयों की प्रयोगशालाएं बनाई जायेगी। जिनमें 43 प्रयोगशाला भौतिक विज्ञान, 37 जीव विज्ञान, 12 रसायन विज्ञान व 10 अन्य विज्ञान प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इसके अलावा इस वित्तीय वर्ष में 553 आंगनवाडी केन्द्रों में आउटडोर प्ले मैटीरियल, बाला, चाईल्ड फ्रेण्डली फर्नीचर उपलब्ध कराये जायेंगे, साथ ही 244 विद्यायलयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे।