दिल्ली में 1500 फार्म हाउस निशाने पर, आज गिर सकती सीलिंग की गाज

नई दिल्ली । दिल्‍ली में आज सीलिंग के एक नए अध्‍याय की शुुरुआत होगी। सूत्रों के मुताबिक अब फार्म हाउस भी सीलिंग की जद में आ सकते हैं। अगर निगम दस्‍ते को दिल्‍ली पुलिस मुहैया कराई गई तो दिल्‍ली के फार्म हाउसों पर सीलिंग की गाज गिरना तय है। मॉनिटरिंग कमेटी ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। अब निगम को दिल्‍ली पुलिस की सिंगनल की इंतजार है। बता दें कि इस समय दिल्ली में 2900 फार्म हाउस हैं, जिनमें से करीब 1500 में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

मॉनिटरिंग कमेटी ने दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग से फार्म हाउसों की जानकारी मांगी है। इनकी पड़ताल के बाद सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। गत वर्ष दिसंबर से लेकर अब तक उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में करीब 1700 संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई हो चुकी है। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद क्षेत्र में करीब तीन दर्जन दुकानें सील की जा चुकी हैं।

मास्टर प्लान 2041 की तैयारी  का सरकार को दिया सुझाव 

उधर, व्यापारियों की संस्था कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने मास्टर प्लान-2021 में संशोधन पर आपत्ति जताने वालीं आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) पर निशाना साधा है। उसने दिल्ली के व्यावसायीकरण के लिए आरडब्ल्यूए को जिम्मेदार ठहराया है।

कैट ने कहा है कि आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी मास्टर प्लान में संशोधन के मुद्दे पर व्यापारियों को कोसने के बजाय अपने अंदर झांकें, क्योंकि लोगों ने लगभग हर कॉलोनी में बड़ी मात्रा में अपनी संपत्ति ज्यादा किराये के लालच में किराये पर दे रखी है। ज्यादातर कॉलोनियों में प्रत्येक निवासी के पास एक से अधिक वाहन है, लेकिन पार्किंग के लिए जगह नहीं है।

कैट के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा है कि मास्टर प्लान-2021 में संशोधन एक जटिल और लंबी प्रक्रिया है, जिसका ज्यादा लाभ किसी को नहीं मिलने वाला। इसलिए अच्छा होगा कि सरकार मास्टर प्लान 2041 को तैयार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए, जिसे वर्ष 2021 से लागू होना है।

उन्होंने कहा कि सरकार को दिल्ली में सीलिंग रोकने के लिए अध्यादेश लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैट ने दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 में संशोधन पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है। इस पत्र में व्यापारियों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए लिखा गया है कि मास्टर प्लान 2021 अब अपनी प्रासंगिकता खो चुका है, क्योंकि इसके अधिकांश प्रावधानों पर अधिकारियों द्वारा कोई काम शुरू ही नहीं किया गया।

अब मौका है कि मास्टर प्लान-2041 को पूरी समझ और तैयारी के साथ बनाया जाए। इसके लिए सरकार तुरंत एक कमेटी गठित करे जिसमें टाउन प्लानर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, सरकारी अधिकारी एवं व्यापार व उद्योग के प्रतिनिधि शामिल हों।

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